Massive Traffic Jam Leaves Commuters Helpless
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह हालात उस वक्त बिगड़ गए जब Noida और Ghaziabad बॉर्डर पर मजदूरों के प्रदर्शन ने ट्रैफिक को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़कों पर लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक अपनी जगह से हिल भी नहीं पाए।
यह मामला breaking news today Hindi में तेजी से वायरल हो रहा है, क्योंकि इसका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ा है।
सुबह से ही सैकड़ों लोग सड़कों पर फंसे नजर आए। कोई ऑफिस जाने की जल्दी में था तो कोई बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए निकला था, लेकिन बॉर्डर के पास पहुंचते ही सबकी रफ्तार थम गई।
एक महिला यात्री कविता ने बताया कि वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं, लेकिन जाम इतना लंबा था कि एक घंटे में भी बॉर्डर तक नहीं पहुंच सकीं। आखिरकार ऑटो ड्राइवर ने उन्हें बीच रास्ते में ही उतार दिया।
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कई लोग सुबह 8 बजे से ही जाम में फंसे हुए थे। हालत यह हो गई कि लोगों को कोई दूसरा साधन भी नहीं मिल पा रहा था, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
प्रदर्शन के कारण कई रास्तों को डायवर्ट कर दिया गया। Vijaynagar जैसे इलाकों में ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे जाम और भी ज्यादा फैल गया।
पुलिस मौके पर मौजूद रही और हालात को संभालने की कोशिश करती रही, लेकिन लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि सही जानकारी नहीं मिल रही और पूरी व्यवस्था बिखरी हुई नजर आ रही है।
दरअसल, यह विरोध अब सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहा है। मजदूरों का गुस्सा धीरे-धीरे पूरे दिल्ली-एनसीआर में फैलता जा रहा है।
इस आंदोलन की शुरुआत 7 अप्रैल को Manesar से हुई थी, जहां मजदूरों ने वेतन बढ़ाने, महंगाई से राहत और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था।
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इसके बाद यह आंदोलन Greater Noida तक पहुंचा और अब इसका असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है।
आज गाजियाबाद और Bulandshahr में भी बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर रास्ते जाम कर दिए।
गाजियाबाद में स्थिति इतनी खराब हो गई कि नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। लोग घंटों तक फंसे रहे और उन्हें कोई साफ जानकारी नहीं मिल पाई।
