Amaravati Becomes Quantum Hub, India’s First Facility Launched by Chandrababu Naidu
Andhra Pradesh एक बार फिर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए देश में नई पहचान बना रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने Amaravati में देश की पहली क्वांटम फ़ेसिलिटी सेंटर का उद्घाटन किया, जो भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस मौके पर एसआरएम यूनिवर्सिटी और गन्नवरम स्थित मेधा टावर्स में स्थापित 1S और 1Q क्वांटम टेस्टबेड्स को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इन अत्याधुनिक सुविधाओं के शुरू होने के साथ ही आंध्र प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां क्वांटम टेस्ट रेफरेंस फ़ेसिलिटी उपलब्ध है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में Tata Institute of Fundamental Research ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है, जो देश के अग्रणी शोध संस्थानों में से एक माना जाता है। इस सहयोग से इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में नेशनल क्वांटम मिशन के सदस्य, IIT के प्रोफेसर, क्वांटम वैज्ञानिक, स्टार्टअप प्रतिनिधि, रिसर्च स्कॉलर और कई विशेषज्ञ शामिल हुए। खास बात यह रही कि राज्यभर की यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों के लगभग 1.5 लाख छात्र इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े, जिससे युवाओं में विज्ञान और तकनीक के प्रति उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि एसआरएम यूनिवर्सिटी की 1S ओपन एक्सेस क्वांटम फ़ेसिलिटी और मेधा टावर्स में स्थित 1Q क्वांटम फ़ेसिलिटी के जरिए अब क्वांटम कंप्यूटिंग उपकरणों की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन भारत में ही संभव होगा। इससे देश को विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अमरावती क्वांटम वैली अब उन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुकी है, जहां माइनस 273 डिग्री सेल्सियस जैसे अत्यंत निम्न तापमान पर काम करने वाले क्वांटम टेस्टबेड्स उपलब्ध हैं। यह तकनीक बेहद संवेदनशील और उच्च स्तरीय शोध के लिए जरूरी मानी जाती है।
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ये टेस्टबेड्स क्वांटम कंप्यूटर हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों, शोधकर्ताओं, छात्रों और विशेषज्ञों के लिए काफी उपयोगी साबित होंगे। इससे न केवल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आंध्र प्रदेश को एक उभरते हुए ग्लोबल क्वांटम टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को भविष्य की तकनीकों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले समय में क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर और डाटा प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, अमरावती में शुरू हुई यह क्वांटम फ़ेसिलिटी न सिर्फ आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत को टेक्नोलॉजी के ग्लोबल मानचित्र पर और मजबूत बनाएगी।
