Vedanta Power Plant Blast in Sakti: 10 Workers Killed in Boiler Explosion
Chhattisgarh के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। अचानक हुए इस जोरदार धमाके के बाद प्लांट परिसर में आग भड़क उठी और घना धुआं फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद श्रमिक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दर्दनाक हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दल ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद प्लांट में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। राहत टीम मलबे में फंसे लोगों को निकालने में लगातार जुटी रही। प्रशासन ने एहतियातन पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
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हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। शुरुआती जांच में बॉयलर फटना इस दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी।
इस बीच प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं, Vishnu Deo Sai ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक घटना बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
इस हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि अन्य कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि 14 अप्रैल 2026 की दोपहर बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी प्रभावित हुए, जो इस यूनिट के संचालन और रखरखाव का काम संभालते हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। वे लगातार चिकित्सा टीमों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस कठिन समय में कंपनी ने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की है।
