Gevra Coal Theft Shock: Demand for FIR Against PNC Infratech Sparks Major Row
कोरबा से सामने आई एक बड़ी खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। SECL की गेवरा ओपन कोल परियोजना में कथित तौर पर दिनदहाड़े कोयला चोरी का मामला सामने आया है, जिसे लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रशासन के सामने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे को लेकर संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए PNC इंफ्राटेक कंपनी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है।
यह मामला अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं रह गया, बल्कि “breaking news today Hindi” और “Iran US news Hindi” जैसे ट्रेंडिंग कीवर्ड्स के बीच भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है, क्योंकि इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही और संभावित मिलीभगत के आरोप शामिल हैं।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश पंकज और विकास सिंह के नेतृत्व में 13 अप्रैल 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, गेवरा खदान के भठोरा फेस इलाके में खदान के अंदर से लोडर मशीनों की मदद से कोयला निकाला गया और उसे ऊपर मैदान में डंप किया गया। इसके लिए खदान से बाहर तक बाकायदा रास्ता तैयार किया गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कोयले को बाद में ट्रैक्टरों में भरकर खुलेआम अज्ञात लोगों द्वारा ले जाया गया। यह पूरी गतिविधि दिन के उजाले में हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
युवा कांग्रेस का दावा है कि जब यह घटना हो रही थी, उस समय मौके पर PNC इंफ्राटेक कंपनी के कर्मचारी और CISF के जवान मौजूद थे। ऐसे में संगठन ने इसे केवल चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित गोरखधंधा बताया है, जिसमें अंदरूनी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर संगठन ने पांच प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। पहली मांग है कि PNC इंफ्राटेक के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए। दूसरी, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। तीसरी मांग में कहा गया है कि इसमें शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, CISF के संबंधित कर्मियों और बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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चौथी बड़ी मांग यह है कि PNC इंफ्राटेक का ठेका तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए, जबकि पांचवीं मांग के तहत भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है।
इस घटना ने “latest US political news” जैसे इंटरनेशनल टॉपिक्स के बीच भी लोकल प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब यह खदान एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट कोल परियोजनाओं में से एक मानी जाती है।
गेवरा खदान से हर दिन हजारों टन कोयले का उत्पादन होता है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में यहां से कोयला चोरी के आरोप न सिर्फ आर्थिक नुकसान का संकेत देते हैं, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की कमजोरी को भी उजागर करते हैं।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य महाप्रबंधक गेवरा एरिया, पुलिस अधीक्षक कोरबा और अनुविभागीय अधिकारी कोरबा को भी भेजी गई है, जिससे यह मामला अब कई स्तरों पर जांच के दायरे में आ गया है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, युवा कांग्रेस ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने कोरबा समेत आसपास के इलाकों में लोगों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है और अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
