Middle East War Enters Critical Phase on Day 37; US-Iran Tensions Escalate
ईरान: के साथ बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका की रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों को सलाह दी है कि वे ईंधन की कमी की स्थिति में अमेरिका से तेल खरीदें और जरूरत पड़ने पर खुद होर्मुज पर नियंत्रण के लिए कदम उठाएं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अमेरिका खुद इस अहम समुद्री मार्ग पर सीधा कदम उठाने से पीछे क्यों हट रहा है।
दरअसल, इसके पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। सबसे पहला कारण यह है कि अमेरिका इस युद्ध को लंबा नहीं खींचना चाहता, क्योंकि लंबे संघर्ष से आर्थिक बोझ और वैश्विक दबाव दोनों बढ़ते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस जंग में अमेरिका करीब 35 बिलियन डॉलर खर्च कर चुका है।
दूसरा बड़ा कारण यह है कि होर्मुज पर नियंत्रण हासिल करना आसान नहीं है। यह एक संकरा और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इलाका है, जहां ईरान की मजबूत सैन्य मौजूदगी है। ऐसे में किसी बड़े ऑपरेशन से युद्ध का दायरा और बढ़ सकता है। अमेरिका जमीनी कार्रवाई से भी बचना चाहता है, क्योंकि इससे सैनिकों की जान को खतरा हो सकता है।
तीसरा कारण यह है कि अमेरिका को होर्मुज से बहुत कम मात्रा में तेल मिलता है। कुल आपूर्ति का केवल लगभग 1 प्रतिशत ही इस रास्ते से आता है, इसलिए यह मार्ग अमेरिका के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना यूरोप और एशियाई देशों के लिए है।
इसके अलावा, इस मुद्दे पर अमेरिका को यूरोपीय सहयोगियों का पूरा समर्थन भी नहीं मिला। जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन समेत कई देशों ने सीधे सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखी है, जिससे अमेरिका के लिए अकेले कार्रवाई करना और मुश्किल हो गया है।
मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर खतरा भी एक बड़ा कारण है। अगर होर्मुज को लेकर सीधा टकराव बढ़ता है, तो ईरान इन ठिकानों को निशाना बना सकता है। हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से जुड़े रडार और सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी सामने आई हैं।
इन सभी कारणों के बीच ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका अपने प्रमुख लक्ष्य हासिल कर चुका है, इसलिए अब अतिरिक्त जोखिम लेने की जरूरत नहीं है। वहीं अमेरिकी रक्षा नेतृत्व ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिन निर्णायक हो सकते हैं और यदि ईरान समझौते के लिए आगे नहीं आता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
