Mass Fish Death in Tapti River Sparks Pollution Fears in Burhanpur
सुबह का शांत किनारा…
लेकिन पानी में तैर रही थीं लाशें।
बुरहानपुर के राजघाट पर गुरुवार को जो मंजर दिखा, उसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया। ताप्ती नदी, जो कभी जीवन देती थी… आज वहीं हजारों मछलियां मृत अवस्था में तैरती नजर आईं।
जो लोग रोज यहां मछलियों को दाना डालने आते थे, उनके लिए ये किसी सदमे से कम नहीं था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से बढ़ते प्रदूषण का नतीजा है। शहर के गंदे नालों का पानी लगातार ताप्ती में छोड़ा जा रहा है—और अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि नदी का पानी खुद “ज़हर” बनता जा रहा है।
यहीं से मामला और गंभीर हो जाता है।
राजघाट पर सेवा करने वाले गोविंदा सिंगोतिया ने कहा,
“हम रोज यहां आते हैं… लेकिन आज जो देखा, वो दिल तोड़ देने वाला था। अगर समय पर सफाई होती, तो शायद ये दिन नहीं देखना पड़ता।”
इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है।
नगर निगम पर सीधी लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।
लोगों की मांग साफ है—
ताप्ती की तुरंत सफाई हो, और प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई।
लेकिन प्रशासन भी अब हरकत में आया है…
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने टीम को मौके पर भेजा है। पानी के सैंपल लिए गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मछलियों की मौत की असली वजह सामने लाई जाएगी।
समाजसेवी अब्दुल वसीम शेख ने भी चेतावनी दी है कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में पूरा जलीय जीवन खतरे में पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह सिर्फ मछलियों की मौत है… या आने वाले बड़े खतरे की शुरुआत?
क्योंकि जब नदी मरने लगे…
तो समझ लीजिए शहर भी ज्यादा दूर नहीं है।
