1 अप्रैल से चीनी CCTV कैमरों पर बैन, बाजार में हलचल तेज

नई दिल्ली: देश की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से चीन में बने CCTV कैमरों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद दिल्ली के ओल्ड लाजपत राय मार्केट में हलचल तेज हो गई है, जहां व्यापारियों और ग्राहकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

एशिया की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक मार्केट माने जाने वाले ओल्ड लाजपत राय मार्केट में इस फैसले का असर साफ देखा जा रहा है। कई व्यापारी इसे देशहित में सही कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ दुकानदारों को बचे हुए चीनी माल और सप्लाई चेन को लेकर चिंता सता रही है।

CCTV कारोबारी तरुण ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं अन्य व्यापारियों का कहना है कि बाजार में अधिकतर सप्लाई चीन से आती है, ऐसे में अचानक प्रतिबंध से उत्पादों की कमी हो सकती है और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।

ग्राहकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वे पहले से ही स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे थे और सरकार का यह कदम देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए लाभदायक है।

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट पवन दुग्गल के अनुसार, नए सर्टिफिकेशन नियम लागू होने के बाद चीन के प्रमुख ब्रांड जैसे Hikvision और Dahua अब भारत में नहीं बिक पाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सरकार कई चरणों में चीन के तकनीकी उत्पादों पर प्रतिबंध और चेतावनी जारी कर चुकी है।

सरकार के इस कदम के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना, क्योंकि आशंका है कि कुछ चीनी कैमरों के जरिए डेटा लीक हो सकता है। दूसरा, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देना। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय में ऐसे कैमरों से जुड़े सैकड़ों साइबर हमलों की भी जानकारी सामने आई है, जिससे यह फैसला और भी अहम माना जा रहा है।

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