प्रयागराज: में नकली नोटों के बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से 100 और 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहा था और उन्हें बाजार में खपाने की साजिश रच रहा था।
पहली नजर में ये नोट बिल्कुल असली जैसे दिखाई देते थे, लेकिन ध्यान से देखने और छूने पर उनकी सच्चाई सामने आ जाती थी। जानकारी के अनुसार, देवरिया में एक कमरे में लगातार नकली नोट छापे जा रहे थे।

गिरोह के दो सदस्य नकली नोटों की सप्लाई के लिए सराय इनायत पहुंचे थे, तभी पुलिस की SOG टीम को इसकी सूचना मिल गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।
इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर 1 लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, एक प्रिंटर और लैपटॉप बरामद किए। इस कार्रवाई में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए आरोपियों में देवरिया का धर्मेंद्र और भदोही का विवेक यादव इस गिरोह के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। धर्मेंद्र पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है। ये दोनों मिलकर नकली नोट तैयार करते थे, जबकि राहुल और अन्य साथी गांव-गांव जाकर दुकानों पर इन नोटों को चलाते थे।
पुलिस ने पहले सप्लाई करने वाले आरोपियों को पकड़ा और उनकी निशानदेही पर पूरे गिरोह और उनके ठिकाने तक पहुंच गई। खास बात यह है कि आरोपी किसी बड़ी मशीन या डाई का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि साधारण कंप्यूटर और प्रिंटर से ही नकली नोट तैयार कर रहे थे। फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है और जांच जारी है।