रोहित शेट्टी की टीम का स्पष्टीकरण: निजी गाड़ियों पर पुलिस स्टिकर सुरक्षा के लिए लगाए गए थे

फिल्ममेकर Rohit Shetty को लेकर हाल ही में एक विवाद सामने आया था, जिसमें उनकी निजी गाड़ियों पर पुलिस जैसे स्टिकर और लाइट्स के इस्तेमाल की बात कही गई थी। अब इस मामले में उनकी टीम ने पूरी स्थिति साफ कर दी है।

रोहित शेट्टी की टीम के मुताबिक, गाड़ियों पर लगाए गए पुलिस स्टिकर किसी नियम का उल्लंघन करने के लिए नहीं थे, बल्कि यह एक अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थे। दरअसल, इसी साल फरवरी में उनके घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

टीम के प्रवक्ता ने बताया कि उस घटना के बाद पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा दी थी और शुरुआती दौर में पहचान के लिए स्टिकर लगाए गए थे। हालांकि अब इन स्टिकर्स को हटा दिया गया है और उनका इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

पहले आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रोहित शेट्टी की कुछ निजी SUVs पर पुलिस जैसी मार्किंग और फ्लैशिंग लाइट्स लगी थीं, जो आमतौर पर सिर्फ सरकारी वाहनों के लिए ही अनुमति होती हैं। ऐसे में सवाल उठे थे कि कहीं यह मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन तो नहीं है।

इस पर सफाई देते हुए टीम ने कहा कि यह कदम सिर्फ सुरक्षा कारणों से उठाया गया था और इसका मकसद किसी भी तरह से पुलिस अधिकार का गलत इस्तेमाल करना नहीं था।

फिलहाल, रोहित शेट्टी अभी भी पुलिस सुरक्षा में हैं और उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। टीम ने Mumbai Police का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में उनका पूरा सहयोग मिला है।

यह पूरा मामला 1 फरवरी को हुई फायरिंग की घटना से शुरू हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली थी। इसके बाद रोहित शेट्टी ने अपनी और अपनी फिल्म Golmaal 5 की टीम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और टीम का कहना है कि अब पुलिस स्टिकर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। आने वाले समय में इस तरह के मामलों को लेकर नियमों का और सख्ती से पालन किए जाने की उम्मीद है।

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