Post-Ceasefire Strategy: Iran Plans Toll on Strait of Hormuz
तेहरान/वॉशिंगटन/मस्कट | समाचार: पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर लागू हो गया है। दोनों देशों ने इस समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह डील ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर तैयार की गई है।
सीजफायर के बाद अब ईरान ने अपनी नई आर्थिक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी टोल लगाने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान हर जहाज से करीब 2 मिलियन डॉलर तक शुल्क वसूलने पर विचार कर रहा है।
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि इस टोल वसूली में अपने पड़ोसी देश Oman को भी हिस्सा दिया जाएगा। इससे मस्कट को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस प्रस्ताव को विचार योग्य बताया है और संकेत दिए हैं कि इससे बड़े स्तर पर राजस्व उत्पन्न हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से ईरान और उसके सहयोगी देशों को अरबों डॉलर की आय हो सकती है, जबकि Saudi Arabia, United Arab Emirates और Qatar जैसे खाड़ी देशों पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
दरअसल, ईरान और ओमान के बीच स्थित लगभग 34 किलोमीटर चौड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
हाल ही में इस मार्ग के बंद होने से भारत समेत कई देशों में तेल आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। ईरान का कहना है कि इस टोल से मिलने वाली राशि का उपयोग युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और देश के पुनर्निर्माण में किया जाएगा।
फिलहाल, इस प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि आगे यह योजना किस रूप में लागू होती है।
