महाराष्ट्र के अकोला जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पर आरोप है कि उसने हिरासत में बंद एक महिला से उसकी बेटी को अपने पास भेजने की मांग की। यह मामला सामने आने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि महिला को करीब ₹80 लाख की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उसे सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात ASI राजेश जाधव ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया।
आरोप है कि उसने महिला को पैसे देने का लालच दिया और कहा कि वह अपनी बेटी को उसके पास भेजे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर महिला से कहा कि अगर वह ऐसा करती है तो उसे ₹10,000 दिए जाएंगे।
इस घटना के बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी को फटकार लगाते नजर आ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी ASI को सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ महिला की मर्यादा भंग करने समेत अन्य धाराओं में केस भी दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. आशा मिर्गे ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि जो लोग सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, वही इस तरह के आरोपों में सामने आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की।
akola police case ने एक बार फिर पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और आरोपी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।