तेलंगाना के गड़वाल जिला केंद्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाने वाली नगर पालिका खुद लापरवाही का शिकार नजर आ रही है। नगर पालिका कार्यालय परिसर में स्थित एक ऐतिहासिक बावड़ी (पुराना कुआँ) बदहाली और गंदगी में डूबी हुई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी बावड़ी के पानी को टैंकरों के जरिए शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बावड़ी की सीढ़ियों पर भारी मात्रा में कचरा जमा है, जिससे पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन की इस अनदेखी से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही सफाई नहीं कराई गई तो कचरा पानी में मिलकर उसे दूषित बना सकता है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
“दीया तले अंधेरा” जैसी यह स्थिति नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों से मांग की है कि बावड़ी की तुरंत सफाई कराई जाए और शहरवासियों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।