Electricity to Reach Remote Villages of Surajpur After 78 Years of Darkness
छत्तीसगढ़: के Surajpur जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र चांदनी बिहारपुर के कई गांव आज भी आजादी के 78 वर्षों बाद अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। यहां के लोगों को अब तक बिजली जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो सकी, जबकि वे वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रहे थे।
ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन किए, जनप्रतिनिधियों को चुना और सरकारों से उम्मीदें भी जताईं, लेकिन हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया। बिजली, सड़क और पानी जैसी सुविधाओं के अभाव में इन गांवों का जीवन हमेशा कठिन बना रहा।
अब इन गांवों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं भटगांव की विधायक एवं मंत्री Laxmi Rajwade। उनके प्रयासों से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से 15 से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाने की योजना को मंजूरी मिली है।
यह पहल दूरस्थ और वन क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे लंबे समय से अंधेरे में रह रहे लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
ग्रामीणों में इस योजना को लेकर उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि वर्षों का इंतजार अब खत्म होने वाला है और बिजली आने से बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, साथ ही गांव के लोग आधुनिक दुनिया से जुड़ पाएंगे।
स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके गांवों में भी उजाला होगा और जीवन की गति बदल जाएगी।
यह योजना उन क्षेत्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
