School Turns Deadly: 13-Year-Old Opens Fire, 9 Killed in Turkey
एक स्कूल… जहां बच्चों की हंसी गूंजनी चाहिए थी।
लेकिन अचानक गोलियों की आवाज ने सब कुछ बदल दिया।
तुर्की के दक्षिण-पूर्वी प्रांत कहरामनमारास में एक 13 साल के बच्चे ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र अपने बैग में हथियार छिपाकर स्कूल पहुंचा था।
और फिर… जो हुआ, उसने सबको सन्न कर दिया।
छात्र ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे इधर-उधर भागने लगे, चीख-पुकार गूंजने लगी।
इस हमले में 8 छात्रों और 1 शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
जांच में जो सामने आया, वो और भी चौंकाने वाला था। हमलावर के बैग से 5 बंदूकें और 7 मैगजीन बरामद की गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये हथियार उसके पिता के थे।
बताया जा रहा है कि हमलावर दो अलग-अलग कक्षाओं में घुसा और वहां अंधाधुंध फायरिंग की।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने तुरंत स्कूल को खाली कराया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हमले का मकसद अभी तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन जांच तेज कर दी गई है।
इस घटना का एक और डरावना पहलू है…
महज 24 घंटे पहले भी तुर्की के एक अन्य स्कूल में इसी तरह की गोलीबारी हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। यानी यह एक अकेली घटना नहीं, बल्कि बढ़ती चिंता का संकेत बनती जा रही है।
यहीं से सवाल उठता है—
क्या स्कूल अब सुरक्षित नहीं रहे?
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों के हाथों में किताबों की जगह हथियार कैसे पहुंच रहे हैं।
क्योंकि जब स्कूल ही सुरक्षित न हों… तो समाज का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?
