Islamabad Talks Collapse: JD Vance Returns as Iran Rejects US Conditions
नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में अमेरिका और Iran के बीच चल रही अहम शांति वार्ता आखिरकार बेनतीजा खत्म हो गई। करीब 15 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बावजूद दोनों देशों के बीच किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे JD Vance ने साफ तौर पर कहा कि ईरान ने अमेरिका की प्रमुख शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वे बातचीत समाप्त कर वापस लौट गए।
वेंस के मुताबिक, अमेरिका ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किन मुद्दों पर समझौता संभव है और किन पर नहीं। इसके बावजूद ईरान ने उन शर्तों को स्वीकार नहीं किया, जिससे बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
किन मुद्दों पर अटकी बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इनमें ईरान का यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम सबसे अहम रहा। इसके अलावा Strait of Hormuz में जहाजों की सामान्य आवाजाही बहाल करने का मुद्दा भी विवाद का कारण बना रहा।
तीसरा बड़ा मुद्दा लेबनान में सक्रिय Hezbollah के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर था, जिस पर दोनों पक्षों के बीच गहरी असहमति देखने को मिली।
ईरान का आरोप—अमेरिका ने बदली शर्तें
ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, बातचीत एक ऐसे चरण तक पहुंच गई थी, जहां दोनों देश एक साझा समझौते के ड्राफ्ट की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन इसी दौरान अमेरिकी टीम ने नई और अतिरिक्त मांगें रख दीं, जिससे वार्ता प्रक्रिया बाधित हो गई और अंततः बातचीत टूट गई।
वेंस का सख्त बयान
जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे न बढ़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ऐसे किसी भी तकनीकी या वैज्ञानिक साधन का विकास न करे, जिससे वह तेजी से परमाणु हथियार बना सके।
क्या आगे बढ़ेगी बातचीत?
इस्लामाबाद में हुई यह वार्ता फिलहाल किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे बने हुए हैं, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों देश फिर से बातचीत की मेज पर लौटेंगे या यह गतिरोध आगे और गंभीर रूप लेगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
